Friday, May 3, 2013

चीन वह रेलमार्ग भारत की सीमा तक ला रहा है और भारत सरकार पिछले दस साल में भी तेज़पुर से तवांग तक के सड़क मार्ग को चौड़ा नहीं कर सकी । यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि देश के प्रति आपराधिक लापरवाही है । इसका उत्तर सरकार को हर हालत में देना होगा । दौलत बेग ओल्डी ने यह प्रश्न उठा दिया है । इसका उत्तर दिये बिना बचा नहीं जा सकता । यह उत्तर उन को तो अवश्य देना होगा जो कल तक दक्षिण ब्लाक में बैठ कर सरकारी खर्चे पर पंचशील की जयन्तियां मना रहे थे चीन की दोस्ती के नाम पर जाम छलका रहे थे । भारत की सेना भी दौलत बेग ओल्डी में चीन की सेना के सामने आ डटी है । लेकिन इस यक्ष प्रश्न का उत्तर दिये बिना सत्ता की गद्दी पर बैठे कर्णधार अब की बार पानी नहीं पी सकेंगे । यह प्रश्न राजनीति का नहीं बल्कि देश की सुरक्षा का है । सरकार को भी इसे राष्ट्रीय समस्या मान कर सभी को विश्वास में लेकर रणनीति बनानी चाहिये । चीन का इतिहास गवाह है कि वह शक्ति की ही भाषा समझता है । दिल्ली को भी इस भाषा का अभ्यास कर लेना चाहिये ।
http://www.pravakta.com/chinese-incursions-into-indian-territory

No comments:

Post a Comment