Worlds best village in india – आपको जानकर हैरानी होगी दुनिया का सबसे बेहतरीन गाँव अमेरिका इंगलैंड में नहीं आपके भारत में है, देखें तस्वीरें और जाने इस गाँव के बारे में
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प्राकृतिक रूप से बने ये पुल मेघालय की पहचान माने जाते हैं, ये पुल देखने में ना ही मात्र बेहद सुंदर बल्कि बेहद मजबूत भी होते है
कहा जाता है असली भारतवर्ष गाँवों में बसता है और वास्तव में भी हमारे गाँव ऐसे लाजवाब स्थल होते हैं जो ना ही मात्र शहरों की व्यस्ततम भीड़ से परे होने का खुशनुमा एहसास कराते हैं बल्कि असली भारतवर्ष का दर्शन कराते हैं।
गाँवों का देश माने जाने वाले भारत में एक से बढकर एक ‘लाजवाब’ गाँव हैं। ऐसे ही एक बेहतरीन गाँव के बारे में बता रहे हैं हम आपको जो अपनी खूबसूरती के कारण अक्सर चर्चा का विषय रहता है।
जिसकी गिनती ना ही मात्र भारतवर्ष के बेहतरीन गाँवों में होती है बल्कि उसे एशिया व दुनिया के सबसे बेहतरीन तथा साफ़ सुथरे गांवों में गिना जाता है।
ये गाँव स्थित है भारत के उत्तर पूर्व राज्य मेघालय में, वही मेघालय जिसे ‘बादलों का घर’ कहा जाता है। क्योंकि वहां हमेशा बारह महीने बारिश होती रहती है।
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ज्ञात हो भारतवर्ष में सबसे ज्यादा बारिश वाला राज्य भी मेघालय ही है।
मेघालय स्थित इस महान गाँव को “मावलिननांग” नाम से जाना जाता है, इस गाँव को ‘भगवान का अपना बगीचा’ (God’s Own Garden) भी कहा जाता है।
यह गाँव मेघालय की राजधानी शिलांग से थोड़ी दूरी पर स्थित खासी हिल्स क्षेत्र में आता है, जो ना ही मात्र अपनी खूबसूरती के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है बल्कि यहाँ पूरी दुनिया से पर्यटक इसके दर्शन करने आते हैं।
जानकर हैरानी होगी सफाई व्यवस्था के लिए इस गाँव के लोग किसी भी तरह प्रशासन पर आश्रित नहीं है। बल्कि इस गांव की सबसे बड़ी खासियत यह है की यहाँ की सारी सफाई ग्रामवासी स्वयं ही करते है।
इस गाँव में सफाई को लेकर लोग बेहद जागरूक हैं। इसलिए सफाई के बेहद कड़े नियम बनाये गये हैं। जिनका हर ग्रामवासी को पालन करना होता है।
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ना ही मात्र सफाई में बल्कि यह गांव शिक्षा के क्षेत्र में भी अव्वल है। यहां की साक्षरता दर पूर्णतया 100 फीसदी है, अर्थात यहां के सभी लोग पढ़े-लिखे हैं।
वैसे तो इस गांव में ज्यादातर लोग हिंदी अंग्रेजी व स्थानीय सहित कई भाषाएँ जानते हैं पर आमतौर पर यहाँ के निवासी अंग्रेजी में ही बात करना पसंद करते हैं।
पर्यटन की दृष्टि से तो गाँव वालों की अच्छी आय होती ही है । इसके साथ ही इस गाँव के लोग जीवन यापन के लिए ज्यादातर सुपारी की खेती पर निर्भर हैं और यही इस गाँव के लोगों की आजीविका का मुख्य साधन है।
इस गाँव के साफ सफाई का एक राज यह भी है कि इस गाँव के लोग घर से निकलने वाले कूड़े-कचरे को बांस से बने डस्टबिन में जमा करते हैं और उसे एक जगह इकट्ठा कर खेती के लिए खाद की तरह इस्तेमाल करते हैं।
वैसे तो हमारा पूरा पूर्वोत्तर भारत और मेघालय खूबसूरती से लाबालब हैं लेकिन खासकर मेघालय का खासी क्षेत्र अपने साफ़ जल के झरनों व् छोटे छोटे प्रपातों तथा नदियों के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
साफ़ पानी के ऐसे झरने और प्रपातों के खूबसूरत नजारे लगभग पूरे मेघालय में देखने को मिलेंगे। इसके साथ ही जो इस स्थान का सबसे मशहूर हिस्सा यहाँ स्थित हरे भरे पहाड़ भी हैं।